NCRT In Hindi Class 8 Geography chapter 3

NCRT In Hindi Class 8 Geography chapter 3

NCRT In Hindi Class 8 भूगोल (Geography):– इस आर्टिकल में हम NCRT Class 8 के भूगोल (Geography) अध्याय 3 खनिज और ऊर्जा संसाधन के बारे में जाएंगे दोस्तों महत्वपूर्ण बातों के साथ साथ कुछ सवालों के साथ साथ उत्तर भी दिए जायेगे तो चलिए शुरू करते है

कक्षा 8 भूगोल का अध्याय 3 “खनिज और ऊर्जा संसाधन” (Minerals and Power Resources) हमें बताता है कि पृथ्वी में पाए जाने वाले खनिज (Minerals) और ऊर्जा स्रोत (Energy Resources) कैसे हमारे जीवन और उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
इन संसाधनों से हम ऊर्जा, धातु, ईंधन, और उद्योगिक उत्पाद प्राप्त करते हैं।


🧭 खनिज क्या हैं? (What are Minerals?)

“प्राकृतिक रूप से पृथ्वी की परतों में पाए जाने वाले वे अकार्बनिक पदार्थ जिनकी निश्चित रासायनिक संरचना और भौतिक गुण होते हैं, खनिज कहलाते हैं।”

उदाहरण: लोहा (Iron), तांबा (Copper), सोना (Gold), कोयला (Coal), चूना पत्थर (Limestone) आदि।


⛏️ खनिजों के प्रकार (Types of Minerals)

1. धात्विक खनिज (Metallic Minerals)

इनसे धातुएँ प्राप्त होती हैं जो चमकदार होती हैं और विद्युत का संचालन करती हैं।
उदाहरण:

  • लोहा (Iron)
  • तांबा (Copper)
  • सोना (Gold)
  • एलुमिनियम (Aluminium)

2. अधात्विक खनिज (Non-Metallic Minerals)

इनसे धातु प्राप्त नहीं होती। ये निर्माण कार्य और उद्योगों में उपयोगी हैं।
उदाहरण:

  • चूना पत्थर (Limestone)
  • अभ्रक (Mica)
  • लवण (Salt)
  • कोयला (Coal)
NCRT In Hindi Class 8 Geography chapter 3

⚙️ खनिजों का वितरण (Distribution of Minerals)

क्षेत्र (Region)मुख्य खनिज (Major Minerals)
भारतलोहा, बॉक्साइट, कोयला, अभ्रक, मैंगनीज
दक्षिण अमेरिकातांबा, लोहा, तेल
अफ्रीकासोना, हीरा, कोयला
ऑस्ट्रेलियालौह अयस्क, सोना, बॉक्साइट
यूरोपकोयला, लौह अयस्क

🔋 ऊर्जा संसाधन (Energy Resources)

ऊर्जा हमारे दैनिक जीवन और उद्योगों का आधार है। इसके बिना न तो परिवहन संभव है, न ही उद्योग।

ऊर्जा संसाधन दो प्रकार के होते हैं —

1. पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (Conventional Sources of Energy)

ये पुराने और व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले स्रोत हैं।
उदाहरण:

  • कोयला (Coal)
  • पेट्रोलियम (Petroleum)
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas)
  • जल विद्युत (Hydel Power)

2. अपरंपरागत ऊर्जा स्रोत (Non-Conventional Sources of Energy)

ये पर्यावरण के लिए सुरक्षित और नवीकरणीय (Renewable) होते हैं।
उदाहरण:

  • सौर ऊर्जा (Solar Energy)
  • पवन ऊर्जा (Wind Energy)
  • भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy)
  • जैव ऊर्जा (Biogas)
  • ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy)

🌿 खनिज और ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Minerals and Energy)

खनिज और ऊर्जा सीमित संसाधन हैं, इसलिए इनका संरक्षण आवश्यक है।

संरक्षण के उपाय:

  • खनिजों का पुनर्चक्रण (Recycling of metals)
  • ऊर्जा का समझदारी से उपयोग
  • वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग
  • अनावश्यक खपत रोकना
  • पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाना

⚖️ सतत विकास और ऊर्जा संतुलन (Sustainable Use of Resources)

“प्राकृतिक संसाधनों का ऐसा उपयोग जिससे वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियाँ लाभ उठा सकें।”

सतत विकास के लिए हमें ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) और पर्यावरणीय संतुलन (Environmental Balance) बनाए रखना चाहिए।


🧠 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions and Answers)

प्रश्न 1: खनिज क्या है?

उत्तर: पृथ्वी की परतों में पाए जाने वाले वे प्राकृतिक तत्व जिनकी निश्चित संरचना होती है, खनिज कहलाते हैं।

प्रश्न 2: खनिजों के प्रकार बताइए।

उत्तर: धात्विक और अधात्विक खनिज।

प्रश्न 3: पारंपरिक ऊर्जा स्रोत कौन-कौन से हैं?

उत्तर: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और जल विद्युत।

प्रश्न 4: अपरंपरागत ऊर्जा स्रोत कौन-कौन से हैं?

उत्तर: सौर, पवन, जैव, भू-तापीय और ज्वारीय ऊर्जा।

प्रश्न 5: खनिज संरक्षण क्यों आवश्यक है?

उत्तर: क्योंकि ये सीमित मात्रा में हैं और अत्यधिक दोहन से समाप्त हो सकते हैं।

खनिज और ऊर्जा संसाधन हमारे विकास की नींव हैं। लेकिन इनका संतुलित उपयोग और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ भी इनसे लाभ उठा सकें। सतत विकास ही इन संसाधनों के दीर्घकालिक उपयोग का सही मार्ग है।

उम्मीद करता हु Class 8 History NCRT अध्याय से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिल चुके होंगे और यही कोई प्रश्न है तो मुझे कॉमेंट कर पूछ सकते है। अध्याय-4 अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट learn result पर जाएं

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