NCRT In Hindi Class 6 भूगोल (Geography):- इस आर्टिकल में हम NCRT Class 6 के भूगोल (Geography) अध्याय 5 : प्रमुख स्थलरूप (Major Landforms of the Earth) के बारे में जाएंगे दोस्तों महत्वपूर्ण बातों के साथ साथ कुछ सवालों के साथ साथ उत्तर भी दिए जायेगे तो चलिए शुरू करते है
पृथ्वी की सतह हर जगह समान नहीं है।
कहीं ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हैं, कहीं मैदान, कहीं गहरी घाटियाँ और कहीं रेगिस्तान।
इन अलग-अलग रूपों को स्थलरूप (Landforms) कहा जाता है।
स्थलरूप मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं —
- पर्वत (Mountains)
- पहाड़ियाँ / पठार (Plateaus)
- मैदान (Plains)
🏔️ 1. पर्वत (Mountains)
🔹 विशेषताएँ:
- पर्वत पृथ्वी की सतह के ऊँचे भाग होते हैं।
- इनकी ऊँचाई आसपास की भूमि से बहुत अधिक होती है।
- पर्वतों की चोटियाँ अक्सर नुकीली होती हैं।
- इनकी ढलानें बहुत तीखी होती हैं।
🔹 प्रकार:
- मोड़दार पर्वत (Fold Mountains):
पृथ्वी की परतों के मुड़ने से बने पर्वत।
👉 उदाहरण: हिमालय, आल्प्स, एंडीज। - खंडित पर्वत (Block Mountains):
भूमि के टूटने या दरार पड़ने से बने।
👉 उदाहरण: विन्ध्याचल पर्वत (भारत), ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी)। - ज्वालामुखीय पर्वत (Volcanic Mountains):
ज्वालामुखी विस्फोट से बने।
👉 उदाहरण: माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका), माउंट फूजी (जापान)।
🔹 महत्व:
- ये नदियों का स्रोत हैं।
- वन, खनिज और पर्यटन स्थल उपलब्ध कराते हैं।
- यहाँ की जलवायु ठंडी और शुद्ध होती है।
🏞️ 2. पठार (Plateaus)
🔹 विशेषताएँ:
- पठार ऊँचा समतल क्षेत्र होता है, जिसकी सतह सपाट होती है।
- इसे टेबललैंड (Tableland) भी कहा जाता है।
- यह अक्सर चारों ओर से ढलान वाला होता है।
🔹 उदाहरण:
- दक्कन पठार (भारत)
- तिब्बत पठार (दुनिया का सबसे ऊँचा पठार)
- छोटा नागपुर पठार (खनिज संपदा से भरपूर)
🔹 महत्व:
- पठारों में खनिज पदार्थ (कोयला, लोहा, तांबा आदि) प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।
- यहाँ जलप्रपात (Waterfalls) बनते हैं, जैसे जोग फॉल्स (भारत)।
- ये जलविद्युत उत्पादन और उद्योगों के लिए उपयोगी होते हैं।

🌾 3. मैदान (Plains)
🔹 विशेषताएँ:
- मैदान पृथ्वी की सतह के समतल और नीची जगहें होती हैं।
- ये अधिकतर नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी (जलोढ़) से बने होते हैं।
- इन पर खेती, परिवहन और बसावट के लिए सबसे अनुकूल परिस्थितियाँ होती हैं।
🔹 उदाहरण:
- गंगा–ब्रह्मपुत्र का मैदान (भारत)
- मिसीसिपी मैदान (अमेरिका)
- नील घाटी (मिस्र)
🔹 महत्व:
- उपजाऊ भूमि के कारण यहाँ कृषि होती है।
- घनी आबादी वाले क्षेत्र होते हैं।
- सड़कों, रेलमार्गों और नगरों का विकास आसान होता है।
🌋 4. स्थलरूपों का निर्माण कैसे होता है?
पृथ्वी की सतह लगातार बदलती रहती है।
ये परिवर्तन दो प्रकार की शक्तियों से होते हैं:
- आंतरिक शक्तियाँ (Internal Forces):
- ये पृथ्वी के अंदर से आती हैं।
- इनसे भूकंप, ज्वालामुखी और पर्वत बनते हैं।
- बाहरी शक्तियाँ (External Forces):
- हवा, पानी और बर्फ जैसी शक्तियाँ भूमि को काटती और घिसती हैं।
- इससे घाटियाँ, नदियाँ, झीलें आदि बनती हैं।
पर्वत, पठार और मैदान – ये तीनों मिलकर पृथ्वी की भौगोलिक बनावट बनाते हैं।
हर स्थलरूप का अपना महत्व और उपयोग है।
ये मानव जीवन, कृषि, उद्योग और पर्यावरण के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
✨ मुख्य बिंदु (Summary)
- पृथ्वी की सतह असमान है – कहीं पहाड़, कहीं पठार, कहीं मैदान हैं।
- इन ऊँचाई और नीचाई के कारण अलग-अलग स्थलरूप (Landforms) बनते हैं।
- मुख्य रूप से तीन प्रकार के स्थलरूप हैं –
- पर्वत (Mountains)
- पठार (Plateaus)
- मैदान (Plains)
📖 प्रश्न और उत्तर
❓प्रश्न 1. स्थलरूप क्या होते हैं?
उत्तर:
पृथ्वी की सतह के ऊँचे, नीचले या समतल भागों को स्थलरूप (Landforms) कहा जाता है।
जैसे – पर्वत, पठार और मैदान।
❓प्रश्न 2. स्थलरूपों का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर:
स्थलरूपों का निर्माण दो प्रकार की शक्तियों से होता है —
- आंतरिक शक्तियाँ (Internal Forces):
ये पृथ्वी के अंदर की गतियों से उत्पन्न होती हैं,
जिनसे पर्वत, ज्वालामुखी और भूकंप बनते हैं। - बाहरी शक्तियाँ (External Forces):
ये हवा, पानी और बर्फ के द्वारा भूमि को घिसती, काटती और बदलती हैं।
❓प्रश्न 3. पर्वत क्या हैं?
उत्तर:
पर्वत पृथ्वी की सतह के ऊँचे और नुकीले भाग होते हैं।
इनकी ऊँचाई आसपास की भूमि से अधिक होती है और ढलान तीखी होती है।
❓प्रश्न 4. पर्वतों के प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
पर्वत तीन प्रकार के होते हैं —
- मोड़दार पर्वत (Fold Mountains): जैसे – हिमालय, आल्प्स।
- खंडित पर्वत (Block Mountains): जैसे – विन्ध्याचल पर्वत, ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी)।
- ज्वालामुखीय पर्वत (Volcanic Mountains): जैसे – माउंट फूजी (जापान), माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका)।
❓प्रश्न 5. पर्वतों का क्या महत्व है?
उत्तर:
- पर्वत नदियों का स्रोत होते हैं।
- यहाँ वन, खनिज और जड़ी-बूटियाँ मिलती हैं।
- पर्यटन और धार्मिक स्थल बने होते हैं।
- यहाँ की जलवायु ठंडी और शुद्ध होती है।
❓प्रश्न 6. पठार क्या होता है?
उत्तर:
पठार पृथ्वी की सतह का ऊँचा और समतल भाग होता है।
इसे टेबललैंड (Tableland) भी कहा जाता है।
❓प्रश्न 7. पठारों का क्या महत्व है?
उत्तर:
- पठार खनिजों (कोयला, लोहा, तांबा आदि) से समृद्ध होते हैं।
- यहाँ जलप्रपात बनते हैं जैसे जोग फॉल्स।
- जलविद्युत उत्पादन और उद्योगों के लिए उपयोगी हैं।
❓प्रश्न 8. पठारों के उदाहरण बताइए।
उत्तर:
- दक्कन पठार (भारत)
- छोटा नागपुर पठार (भारत)
- तिब्बत पठार (दुनिया का सबसे ऊँचा पठार)
❓प्रश्न 9. मैदान क्या हैं?
उत्तर:
मैदान पृथ्वी की सतह के समतल और नीची जगहें होती हैं,
जो नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बनती हैं।
❓प्रश्न 10. मैदानों का क्या महत्व है?
उत्तर:
- उपजाऊ भूमि होने के कारण यहाँ कृषि होती है।
- सड़कों, रेलमार्गों और नगरों का निर्माण आसान होता है।
- घनी आबादी वाले क्षेत्र होते हैं।
❓प्रश्न 11. प्रमुख मैदानों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
- गंगा–ब्रह्मपुत्र का मैदान (भारत)
- मिसीसिपी मैदान (अमेरिका)
- नील घाटी (मिस्र)
❓प्रश्न 12. पर्वत, पठार और मैदान में अंतर लिखिए।
| विशेषता | पर्वत | पठार | मैदान |
|---|---|---|---|
| ऊँचाई | बहुत अधिक | मध्यम | कम |
| रूप | नुकीले और ऊँचे | समतल ऊँचाई वाले | सपाट और नीचले |
| उदाहरण | हिमालय | दक्कन पठार | गंगा का मैदान |
| उपयोग | वन, पर्यटन | खनिज, उद्योग | कृषि, बसावट |
पर्वत, पठार और मैदान — ये पृथ्वी की पहचान हैं।
हर स्थलरूप का अपना अलग महत्व है।
पर्वत नदियाँ और वन देते हैं, पठार खनिज और ऊर्जा देते हैं,
और मैदान हमें उपजाऊ भूमि और जीवन का आधार प्रदान करते हैं।
उम्मीद करता हु 6 Class NCRT भूगोल (Geography) अध्याय से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिल चुके होंगे और यही कोई प्रश्न है तो मुझे कॉमेंट कर पूछ सकते है। अध्याय -6 में जल्दी ही मिलेगी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट learn result पर जाएं
धन्यवाद

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