इस आर्टिकल में हम NCRT Class 7 History के कक्षा 7 इतिहास – अध्याय 7 जनजातियाँ, खानाबदोश और किसान के बारे में जाएंगे दोस्तों महत्वपूर्ण बातों के साथ साथ कुछ सवालों के साथ साथ उत्तर भी दिए जायेगे तो चलिए शुरू करते है।
🌍 परिचय (Introduction):
मध्यकालीन भारत में सभी लोग एक जैसे नहीं रहते थे।
कुछ लोग गाँवों और नगरों में बसकर खेती करते थे,
जबकि कुछ जनजातियाँ (Tribes) और खानाबदोश (Nomads) लोग घूम-घूमकर जीवन बिताते थे।
यह अध्याय हमें यह समझने में मदद करता है कि
भारत में समाज किस प्रकार विविध (diverse) और परिवर्तनशील (changing) था।
🏕️ जनजातियाँ (Tribes):
- जनजातियाँ वे समुदाय थे जो परिवारों और कुलों (clans) के समूह से बने होते थे।
- वे किसी एक सरदार (chief) के अधीन रहते थे।
- ये लोग जंगलों, पहाड़ों और सीमांत इलाकों में रहते थे।
- जनजातियों का अपना शासन, नियम और परंपराएँ होती थीं।
प्रमुख जनजातियाँ:
- गोंड (Gond):
- मध्य भारत में रहती थी (गोंडवाना क्षेत्र)।
- इनके प्रमुख राजा – राजा संग्राम शाह और दलपत शाह।
- बाद में यह गढ़ मंडला राज्य में परिवर्तित हुई।
- अहोम (Ahom):
- असम क्षेत्र में रहती थी।
- युद्धक जनजाति थी जो अपने शासन और सेना के लिए प्रसिद्ध थी।
- इन्होंने असम में मजबूत राज्य बनाया।
- संथाल, भील, नागा, खासी, और मुंडा –
जंगलों और पहाड़ी इलाकों में रहने वाली अन्य प्रमुख जनजातियाँ थीं।
🐪 खानाबदोश (Nomads):
- खानाबदोश लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते थे।
- ये लोग भेड़-बकरी चराते, व्यापार करते और कभी-कभी मजदूरी भी करते थे।
- इनके पास स्थायी घर नहीं होते थे।
उदाहरण:
- बंजारों: ये व्यापारी खानाबदोश थे।
वे अनाज, घोड़े, नमक और कपड़े का व्यापार करते थे। - गुर्जर, गड्डी, बकरवाल: पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन करते थे।
🌾 किसान (Peasants):
- किसान जमीन जोतते थे और राजाओं या जमींदारों को कर देते थे।
- कुछ किसान स्वतंत्र थे, जबकि कुछ राजा या मंदिर की भूमि पर खेती करते थे।
- उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा कर के रूप में देना पड़ता था।
🏹 जनजातियों का राज्य में परिवर्तन
समय के साथ कई जनजातियाँ संगठित हुईं और
उन्होंने राज्य (kingdom) स्थापित किए।
- गोंड और अहोम जनजातियों ने अपने राज्य बनाए।
- इन राज्यों में शासन की व्यवस्था, सेना और कर प्रणाली विकसित हुई।
- धीरे-धीरे ये भी राजकीय प्रशासन का हिस्सा बन गए।

⚔️ अहोम राज्य की विशेषताएँ
- असम क्षेत्र में स्थापना (13वीं सदी)
- सेना में प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति भर्ती किया जाता था।
- राजा को स्वर्गदेव कहा जाता था।
- इनका समाज युद्धक और अनुशासित था।
- मुगलों के साथ कई बार युद्ध हुए, लेकिन अहोमों ने असम को बचाए रखा।
🕰️ समाज में परिवर्तन
- जैसे-जैसे जनजातियाँ राज्यों में शामिल हुईं,
उनका जीवन जटिल और संगठित होता गया। - वे कर देने लगे और शासन व्यवस्था का हिस्सा बन गए।
- कुछ जनजातियाँ धीरे-धीरे राजपूत, मराठा या क्षत्रिय समुदायों में शामिल हो गईं।
📜 मुख्य बिंदु (Main Points)
- जनजातियाँ स्वतंत्र और आत्मनिर्भर समुदाय थे।
- खानाबदोश लोग हमेशा घूमते रहते थे।
- बंजारों ने भारत के व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- किसानों ने कृषि उत्पादन से अर्थव्यवस्था को मजबूती दी।
- कुछ जनजातियाँ राज्यों में बदल गईं (जैसे गोंड, अहोम)।
📚 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Q&A)
प्रश्न 1. जनजाति किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऐसे लोगों के समूह को जनजाति कहते हैं जो परिवारों और कुलों से मिलकर बने हों,
और जिनका अपना प्रमुख तथा नियम-कानून हो।
प्रश्न 2. खानाबदोश कौन होते हैं?
उत्तर:
ऐसे लोग जो स्थायी रूप से किसी एक जगह नहीं रहते,
बल्कि अपने पशुओं या व्यापार के लिए घूमते रहते हैं, उन्हें खानाबदोश कहते हैं।
प्रश्न 3. गोंड जनजाति के प्रमुख शासक कौन थे?
उत्तर:
गोंड जनजाति के प्रमुख शासक संग्राम शाह और दलपत शाह थे।
प्रश्न 4. अहोम जनजाति कहाँ रहती थी?
उत्तर:
अहोम जनजाति असम क्षेत्र में रहती थी और वहीं उन्होंने अपना राज्य बनाया।
प्रश्न 5. बंजारों की क्या भूमिका थी?
उत्तर:
बंजारे व्यापारी खानाबदोश थे, जो एक जगह से दूसरी जगह सामान ले जाकर बेचते थे।
वे व्यापार के मुख्य वाहक थे।
प्रश्न 6. जनजातियों का राज्य बनने की प्रक्रिया कैसे हुई?
उत्तर:
जब जनजातियों के मुखिया ने बड़ी सेनाएँ बनाईं और कर वसूलना शुरू किया,
तो उनके संगठन धीरे-धीरे राज्य में बदल गए।
प्रश्न 7. अहोम राज्य की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- असम में स्थापना।
- सेना में प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति भर्ती।
- राजा को स्वर्गदेव कहा जाता था।
- मजबूत प्रशासन और कृषि प्रणाली।
प्रश्न 8. किसान समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा क्यों थे?
उत्तर:
क्योंकि किसान ही भोजन और आय का मुख्य स्रोत थे,
जो कर देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को चलाते थे।
प्रश्न 9. जनजातीय समाज और किसान समाज में क्या अंतर था?
| विषय | जनजातीय समाज | किसान समाज |
|---|---|---|
| जीवन शैली | स्वतंत्र और गतिशील | स्थायी और संगठित |
| पेशा | शिकार, पशुपालन | कृषि |
| शासन | सरदार आधारित | राजा या जमींदार आधारित |
प्रश्न 10. जनजातियों से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
जनजातियाँ हमें सहयोग, आत्मनिर्भरता, समानता और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना सिखाती हैं।
उम्मीद करता हु Class 7 History NCRT अध्याय से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिल चुके होंगे और यही कोई प्रश्न है तो मुझे कॉमेंट कर पूछ सकते है। अध्याय-8 भक्ति आंदोलन और सूफी संत में जल्दी ही मिलेगी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट learn result पर जाएं
धन्यवाद

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