इस आर्टिकल में हम NCRT Class 6 History के अध्याय 7 अशोक: जो दुखी नहीं हुआ के बारे में जाएंगे दोस्तों महत्वपूर्ण बातों के साथ साथ कुछ सवालों के साथ साथ उत्तर भी दिए जायेगे तो चलिए शुरू करते है।
आपने पहले के अध्यायों में पढ़ा कि कैसे कई राज्यों ने एक-दूसरे से युद्ध करके अपने क्षेत्र बढ़ाए। इन्हीं में से एक राज्य मौर्य साम्राज्य था, जो भारत के इतिहास का पहला बड़ा साम्राज्य बना। इस साम्राज्य के सबसे प्रसिद्ध शासक थे — सम्राट अशोक।
🗺️ मौर्य साम्राज्य
मौर्य वंश की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 2300 वर्ष पहले की थी। उनके पोते थे अशोक।
अशोक ने अपने राज्य को बहुत विस्तृत बनाया — यह साम्राज्य भारत के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक फैला हुआ था।
अशोक की राजधानी पाटलिपुत्र (आज का पटना) थी। इसके अलावा उनके राज्य में तक्षशिला, उज्जैन और सुवर्णगिरि जैसे बड़े नगर भी थे।
इन स्थानों पर उन्होंने राज्यपाल (महामात्र) नियुक्त किए थे, जो शासन की देखरेख करते थे।
⚔️ कलिंग का युद्ध
अशोक के शासनकाल की सबसे प्रसिद्ध घटना थी — कलिंग का युद्ध।
कलिंग (आज का उड़ीसा) एक स्वतंत्र राज्य था।
अशोक ने इसे जीतने के लिए युद्ध किया।
यह युद्ध बहुत भयानक था —
- हज़ारों सैनिक मारे गए,
- कई लोग घायल हुए,
- बहुत से परिवार उजड़ गए।
जब अशोक ने यह सब देखा तो वे बहुत दुखी हो गए।
उन्हें लगा कि युद्ध में जीत नहीं, केवल दुःख मिलता है।
☸️ अशोक का परिवर्तन

कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने निश्चय किया कि अब वह कभी युद्ध नहीं करेगा।
उन्होंने धम्म (नीतिपूर्ण जीवन) का मार्ग अपनाया।
उन्होंने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को स्वीकार किया और शांति, अहिंसा और करुणा का प्रचार किया।
📜 अशोक के शिलालेख
अशोक ने अपने विचारों और आदेशों को पत्थर और स्तंभों पर खुदवाया।
इन लेखों को ही शिलालेख कहा जाता है।
ये शिलालेख आज भी भारत और नेपाल के कई स्थानों पर पाए जाते हैं।
इनमें अशोक ने बताया कि –
- सब धर्मों का आदर करो,
- अपने माता-पिता, गुरु और बुज़ुर्गों का सम्मान करो,
- सच्चाई और दया से जीवन जियो,
- पशुओं को अनावश्यक रूप से मत मारो,
- सबके साथ अच्छा व्यवहार करो।
🌍 धम्म का प्रचार
अशोक ने अपने धम्म महामात्र नामक अधिकारियों को भेजा, जो लोगों को धर्म और अच्छे आचरण की बातें समझाते थे।
उन्होंने श्रीलंका और अन्य देशों में भी बौद्ध धर्म का प्रचार कराया।
🕊️ अशोक: जो दुखी नहीं हुआ
कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने सच्चा सुख दया, अहिंसा और प्रेम में पाया।
अब वे किसी को दुख नहीं देना चाहते थे।
इसीलिए इतिहास में उन्हें कहा गया —
👉 “अशोक: जो दुखी नहीं हुआ”,
क्योंकि उन्होंने दुख का कारण समझ लिया और सबके सुख के लिए जीने लगे।
📖 संक्षेप में
- अशोक मौर्य वंश के महान शासक थे।
- कलिंग युद्ध ने उनके जीवन को बदल दिया।
- उन्होंने युद्ध छोड़कर शांति और धम्म का मार्ग अपनाया।
- उन्होंने अपने विचार शिलालेखों में लिखवाए।
- उन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार किया।
📘 प्रश्न और उत्तर
❓ प्रश्न 1. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?
उत्तर:
मौर्य साम्राज्य की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 2300 वर्ष पहले की थी।
❓ प्रश्न 2. अशोक का साम्राज्य किन-किन क्षेत्रों में फैला हुआ था?
उत्तर:
अशोक का साम्राज्य भारत के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक फैला हुआ था। इसमें पाटलिपुत्र, तक्षशिला, उज्जैन और सुवर्णगिरि जैसे प्रमुख नगर शामिल थे।
❓ प्रश्न 3. कलिंग का युद्ध किसके बीच हुआ और उसका परिणाम क्या रहा?
उत्तर:
कलिंग का युद्ध अशोक और कलिंग राज्य (वर्तमान उड़ीसा) के बीच हुआ।
इस युद्ध में हज़ारों लोग मारे गए और अनेक परिवार उजड़ गए।
यह देखकर अशोक बहुत दुखी हो गए और उन्होंने आगे से युद्ध न करने का निश्चय किया।
❓ प्रश्न 4. अशोक ने युद्ध के बाद कौन सा मार्ग अपनाया?
उत्तर:
कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने धम्म (सत्य, अहिंसा और करुणा का मार्ग) अपनाया और बौद्ध धर्म का पालन किया।
❓ प्रश्न 5. अशोक के शिलालेख क्या हैं?
उत्तर:
अशोक ने अपने विचारों, नीतियों और आदेशों को पत्थर और स्तंभों पर खुदवाया, इन्हें ही शिलालेख कहा जाता है।
इन शिलालेखों में लोगों को सदाचार, दया और धर्म की शिक्षा दी गई है।
❓ प्रश्न 6. अशोक ने अपने शिलालेखों में लोगों को क्या सिखाया?
उत्तर:
अशोक ने अपने शिलालेखों में सिखाया कि —
- सभी धर्मों का सम्मान करो,
- माता-पिता, गुरु और बुजुर्गों की सेवा करो,
- सत्य बोलो और ईमानदारी से जीवन जियो,
- पशुओं को अनावश्यक रूप से मत मारो,
- सभी के साथ दया और प्रेम से व्यवहार करो।
❓ प्रश्न 7. धम्म महामात्र कौन थे?
उत्तर:
धम्म महामात्र अशोक द्वारा नियुक्त अधिकारी थे, जो लोगों को धर्म, नैतिकता और सदाचार की बातें सिखाते थे और समाज में शांति बनाए रखते थे।
❓ प्रश्न 8. अशोक को “जो दुखी नहीं हुआ” क्यों कहा गया?
उत्तर:
कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने दुख का वास्तविक कारण समझ लिया।
उन्होंने युद्ध और हिंसा छोड़कर शांति, प्रेम और करुणा का मार्ग अपनाया।
इसलिए उन्हें कहा गया — “अशोक: जो दुखी नहीं हुआ।”
❓ प्रश्न 9. अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार किन देशों में किया?
उत्तर:
अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार श्रीलंका, नेपाल, मध्य एशिया, और अन्य देशों में करवाया।
❓ प्रश्न 10. अशोक के शासन की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:
- उन्होंने एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की।
- कलिंग युद्ध के बाद हिंसा छोड़ दी।
- शांति, अहिंसा और धर्म का प्रचार किया।
- शिलालेखों के माध्यम से जनता से संवाद किया।
- सब धर्मों का सम्मान करने की नीति अपनाई।
उम्मीद करता हु 6 Class History NCRT अध्याय से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिल चुके होंगे और यही कोई प्रश्न है तो मुझे कॉमेंट कर पूछ सकते है। अध्याय-8 गाँवों, नगरों और व्यापारियों की कहानियाँ में जल्दी ही मिलेगी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट learn result पर जाएं
धन्यवाद

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