इस आर्टिकल में हम NCRT Class 6 History के अध्ययन 3 सबसे प्राचीन नगर के बारे में जाएंगे दोस्तों महत्वपूर्ण बातों के साथ साथ कुछ सवालों के साथ साथ उत्तर भी दिए जायेगे तो चलिए शुरू करते है।
1. सिंधु घाटी सभ्यता का परिचय
- लगभग 4700 वर्ष पहले (लगभग 2600 ई.पू. – 1900 ई.पू.) भारत में कई बड़े नगर बसे हुए थे।
- सबसे प्रसिद्ध नगर थे: हड़प्पा (Harappa), मोहनजोदड़ो (Mohenjo-daro), धोलावीरा (Dholavira), लोथल (Lothal)।
- यह सभ्यता सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे विकसित हुई थी, इसलिए इसे सिंधु सभ्यता कहा गया।
2. नगरों की योजना (Town Planning)
- हड़प्पा के नगर बहुत संगठित और सुव्यवस्थित थे।
- सड़कों को सीधी रेखाओं में काटकर बनाया गया था (grid pattern)।
- घर पक्की ईंटों से बने थे।
- प्रत्येक घर में नालियाँ थीं जो मुख्य नाली प्रणाली (drainage system) से जुड़ी थीं।
- नालियाँ ढकी हुई थीं — यह एक उन्नत नगर-व्यवस्था का प्रमाण है।
3. भवन और सार्वजनिक निर्माण
- कुछ भवन बहुत बड़े थे, जिन्हें गोदाम (Granary) कहा गया — वहाँ अनाज रखा जाता था।
- मोहनजोदड़ो में प्रसिद्ध “महान स्नानागार (Great Bath)” मिला है — संभवतः धार्मिक या सार्वजनिक स्नान के लिए प्रयोग किया जाता था।
- धोलावीरा में नगर को तीन भागों में बाँटा गया था — किला (citadel), मध्य नगर, और निचला नगर।
4. वस्तुएँ और जीवनशैली

- लोग कपास से बने कपड़े पहनते थे (कपास का सबसे पुराना प्रमाण हड़प्पा से)।
- स्त्रियाँ आभूषण पहनती थीं — सोने, चाँदी, कांसे, पत्थर आदि से बने।
- खिलौने, मिट्टी की मूर्तियाँ, तख्तियाँ और सीलें (seals) मिली हैं।
- सीलों पर जानवरों और प्रतीकों की आकृतियाँ थीं।
- यह लोग व्यापार करते थे — धातुएँ, रत्न, मिट्टी के बर्तन, कपड़ा आदि।
5. व्यापार और संपर्क
- हड़प्पा के लोग मेसोपोटामिया (अब इराक) जैसे दूर देशों से व्यापार करते थे।
- लोथल एक महत्वपूर्ण बंदरगाह (port city) था — वहाँ से समुद्री व्यापार होता था।
6. लिपि और भाषा
- हड़प्पा की लिपि (script) अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है।
- इस वजह से उनके धार्मिक विश्वास और शासन-प्रणाली के बारे में बहुत कुछ अज्ञात है
7. सभ्यता का पतन
- लगभग 1900 ई.पू. के बाद हड़प्पा के नगर धीरे-धीरे उजड़ने लगे।
- संभावित कारण:
- नदियों का मार्ग बदल जाना,
- बाढ़ या सूखा,
- खेती में गिरावट,
- व्यापार का नुकसान,
- लोगों का पलायन।
8. महत्व
- हड़प्पा सभ्यता भारत की पहली नगरीय सभ्यता (Urban Civilization) थी।
- यहाँ के लोग योजना, निर्माण और स्वच्छता में निपुण थे।
- इस सभ्यता ने भारत के इतिहास में शहरी जीवन की नींव रखी।
प्रश्न-उत्तर NCERT exercise questions
प्रश्न 1: हड़प्पा सभ्यता के नगरों की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:
- नगरों की योजना बहुत सुव्यवस्थित थी।
- सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।
- घर पक्की ईंटों के बने थे।
- प्रत्येक घर में पानी की नाली और शौचालय था।
- नालियाँ ढकी हुई थीं और अच्छी तरह साफ की जाती थीं।
- नगर के ऊपरी भाग में किला (Citadel) और निचले भाग में आवासीय क्षेत्र था।
प्रश्न 2: ‘महान स्नानागार’ (Great Bath) क्या था और इसका उपयोग किसलिए किया जाता होगा?
उत्तर:
- यह मोहनजोदड़ो में पाया गया एक बड़ा स्नानागार था।
- यह पक्की ईंटों से बना था और जल-निकासी की व्यवस्था भी थी।
- इसका उपयोग संभवतः धार्मिक स्नान या विशेष अवसरों पर किया जाता होगा।
प्रश्न 3: धोलावीरा नगर की कुछ विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- यह नगर गुजरात में स्थित था।
- इसे तीन भागों में बाँटा गया था — किला, मध्य नगर और निचला नगर।
- यहाँ पत्थरों से दीवारें बनाई गई थीं (ईंटों के बजाय)।
- यहाँ से एक बड़ा लेख मिला है जो हड़प्पा लिपि में लिखा गया है।
प्रश्न 4: लोथल नगर का क्या महत्व था?
उत्तर:
- यह भी गुजरात में स्थित था।
- लोथल एक बंदरगाह (port city) था।
- यहाँ जहाज रुकते थे और समुद्री व्यापार होता था।
- यहाँ से मोती, तांबा और अन्य वस्तुओं का व्यापार मेसोपोटामिया जैसे देशों से होता था।
प्रश्न 5: हड़प्पा सभ्यता के पतन के क्या कारण माने जाते हैं?
उत्तर:
- नदियों का मार्ग बदल जाना या सूख जाना।
- प्राकृतिक आपदाएँ जैसे बाढ़ या सूखा।
- खेती में गिरावट।
- व्यापार का रुकना।
- लोगों का अन्य स्थानों की ओर पलायन।
उम्मीद करता हु 6 Class History NCRT अध्याय से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिल चुके होंगे और यही कोई प्रश्न है तो मुझे कॉमेंट कर पूछ सकते है। अध्याय -4 में जल्दी ही मिलेगी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट learn result पर जाएं
धन्यवाद

Comments