इस आर्टिकल में हम NCRT Class 7 History के कक्षा 7 इतिहास – अध्याय 3: दिल्ली के सुल्तान के बारे में जाएंगे दोस्तों महत्वपूर्ण बातों के साथ साथ कुछ सवालों के साथ साथ उत्तर भी दिए जायेगे तो चलिए शुरू करते है।
भारत के इतिहास में दिल्ली हमेशा से एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
12वीं शताब्दी के अंत में जब दिल्ली पर मुस्लिम शासकों का शासन स्थापित हुआ,
तो भारत में एक नए युग – दिल्ली सल्तनत (Delhi Sultanate) की शुरुआत हुई।
इस काल में पाँच प्रमुख वंशों ने दिल्ली पर शासन किया, जिन्हें दिल्ली के सुल्तान कहा गया
🔹 1. दिल्ली का महत्व
दिल्ली का भौगोलिक स्थान बहुत उपयुक्त था —
- यह भारत के उत्तरी भाग के बीच में स्थित थी।
- यहाँ से पूरे उत्तर भारत पर नियंत्रण आसान था।
- यह व्यापार और सेना के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र थी।
इसी कारण कई शासकों ने दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया।
🔹 2. दिल्ली सल्तनत की स्थापना
12वीं शताब्दी के अंत में मुहम्मद गौरी ने उत्तर भारत पर आक्रमण किया।
1192 ई. में उसने तराइन के दूसरे युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को हराया।
उसके बाद भारत में मुस्लिम शासन की शुरुआत हुई।
मुहम्मद गौरी की मृत्यु के बाद उसका सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली का शासक बना।
वह दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था।
🔹 3. दिल्ली सल्तनत के पाँच वंश
| वंश का नाम | शासनकाल (लगभग) | प्रमुख सुल्तान |
|---|---|---|
| गुलाम वंश (Slave Dynasty) | 1206–1290 ई. | कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रज़िया सुल्तान |
| खिलजी वंश (Khilji Dynasty) | 1290–1320 ई. | जलालुद्दीन खिलजी, अलाउद्दीन खिलजी |
| तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty) | 1320–1414 ई. | गयासुद्दीन तुगलक, मुहम्मद बिन तुगलक, फिरोज तुगलक |
| सैयद वंश (Sayyid Dynasty) | 1414–1451 ई. | खिज्र खाँ, मुबारक शाह |
| लोदी वंश (Lodi Dynasty) | 1451–1526 ई. | बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी, इब्राहिम लोदी |
1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया
और दिल्ली सल्तनत का अंत हुआ।
🔹 4. गुलाम वंश (Slave Dynasty)
- कुतुबुद्दीन ऐबक (1206–1210) – गुलाम वंश का संस्थापक।
- उसने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू करवाया।
- उसे “लखनौटी का नायक” भी कहा गया।
- इल्तुतमिश (1211–1236) – ऐबक का उत्तराधिकारी, जिसने दिल्ली को संगठित किया।
- उसने तक्का और जजीया कर लागू किया।
- रज़िया सुल्तान उसकी बेटी थी, जो भारत की पहली महिला शासक बनी।
🔹 5. खिलजी वंश (Khilji Dynasty)
- जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में यह वंश स्थापित किया।
- अलाउद्दीन खिलजी (1296–1316) सबसे प्रसिद्ध सुल्तान था।
- उसने मंगोल आक्रमणों से दिल्ली की रक्षा की।
- मार्केट नियंत्रण नीति लागू की ताकि वस्तुओं के दाम स्थिर रहें।
- दक्षिण भारत तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया।
🔹 6. तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty)

- गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 में यह वंश स्थापित किया।
- मुहम्मद बिन तुगलक अपने अनोखे और असफल प्रयोगों के लिए प्रसिद्ध था —
- राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद ले गया।
- टोकन मुद्रा (ताँबे के सिक्के) चलाने की कोशिश की।
- फिरोज शाह तुगलक ने कई नहरें, बाग, और विद्यालय बनवाए।
🔹 7. सैयद और लोदी वंश
- सैयद वंश कमजोर था और केवल कुछ समय के लिए सत्ता में रहा।
- लोदी वंश (अफगान मूल का) आखिरी वंश था।
- सिकंदर लोदी ने प्रशासन को मजबूत किया।
- इब्राहिम लोदी अंतिम सुल्तान था जिसे 1526 में बाबर ने हराया।
🔹 8. प्रशासनिक व्यवस्था
दिल्ली के सुल्तानों का शासन केंद्रीकृत था।
- सुल्तान के पास सर्वोच्च सत्ता थी।
- उसके सहयोगी अधिकारी जैसे – वज़ीर, सदर, काज़ी, और अरिज़-ए-ममालिक अलग-अलग विभाग संभालते थे।
- पूरे राज्य को इक्ताओं (Iqtas) में बाँटा गया था, जहाँ से अधिकारी कर वसूलते थे।
🔹 9. संस्कृति और स्थापत्य
दिल्ली सल्तनत के दौरान कला, वास्तुकला और शिक्षा का विकास हुआ।
- कुतुब मीनार, अलई दरवाज़ा, हौज खास, तुगलकाबाद किला इसी समय बने।
- फारसी भाषा प्रशासन की भाषा बनी।
- इस काल में भारतीय और इस्लामी संस्कृति का मिश्रण (Indo-Islamic Culture) हुआ।
दिल्ली के सुल्तान” काल भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण था।
इस समय शासन की एक नई पद्धति, नई संस्कृति और नई स्थापत्य शैली का विकास हुआ।
इन सुल्तानों ने दिल्ली को भारत की राजनीतिक और सांस्कृतिक राजधानी बना दिया।
प्रश्न 1. दिल्ली को सल्तनत की राजधानी क्यों बनाया गया?
उत्तर:
दिल्ली का स्थान उत्तर भारत के बीच में था, जहाँ से पूरे उत्तर भारत पर नियंत्रण आसान था।
यह व्यापार, सैनिक अभियान और प्रशासन के लिए भी उपयुक्त थी।
इसलिए दिल्ली को सल्तनत की राजधानी बनाया गया।
प्रश्न 2. दिल्ली सल्तनत की स्थापना किसने की?
उत्तर:
दिल्ली सल्तनत की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में की थी।
वह मुहम्मद गौरी का सेनापति था और उसके बाद दिल्ली का पहला सुल्तान बना।
प्रश्न 3. दिल्ली के सुल्तानों के पाँच वंशों के नाम लिखिए।
उत्तर:
दिल्ली सल्तनत के पाँच वंश थे –
- गुलाम वंश (1206–1290)
- खिलजी वंश (1290–1320)
- तुगलक वंश (1320–1414)
- सैयद वंश (1414–1451)
- लोदी वंश (1451–1526)
प्रश्न 4. रज़िया सुल्तान कौन थी और वह क्यों प्रसिद्ध है?
उत्तर:
रज़िया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थी।
वह भारत की पहली महिला शासक थी।
उसने अपने शासन में न्यायप्रियता और योग्य शासन का उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रश्न 5. अलाउद्दीन खिलजी की प्रमुख नीतियाँ क्या थीं?
उत्तर:
अलाउद्दीन खिलजी की प्रमुख नीतियाँ थीं —
- बाजार नियंत्रण नीति (दाम तय करना)
- कर व्यवस्था को सख्त बनाना
- मंगोलों के आक्रमणों से रक्षा करना
- दक्षिण भारत में विजय अभियान चलाना
प्रश्न 6. मुहम्मद बिन तुगलक के दो प्रमुख प्रयोग कौन-से थे?
उत्तर:
- राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित करना।
- टोकन मुद्रा (ताँबे के सिक्के) का प्रयोग करना।
हालाँकि ये दोनों प्रयोग असफल रहे।
प्रश्न 7. फिरोज शाह तुगलक ने कौन-कौन से काम किए?
उत्तर:
फिरोज शाह तुगलक ने —
- नहरें, बाग, विद्यालय और अस्पताल बनवाए।
- गरीबों और किसानों की सहायता की।
- इस्लामी कानूनों के अनुसार शासन चलाया।
प्रश्न 8. दिल्ली सल्तनत का अंत कैसे हुआ?
उत्तर:
दिल्ली सल्तनत का अंत 1526 ई. में हुआ,
जब मुगल बादशाह बाबर ने इब्राहिम लोदी को पानीपत के प्रथम युद्ध में हराया।
प्रश्न 9. इक्ता प्रणाली क्या थी?
उत्तर:
इक्ता प्रणाली में सुल्तान अपने अधिकारियों को इक्ता (इलाका) देता था,
जहाँ से वे कर वसूलकर सुल्तान को हिस्सा देते थे।
यह प्रशासनिक व्यवस्था थी जो सेना और कर प्रणाली को व्यवस्थित करती थी।
प्रश्न 10. दिल्ली सल्तनत काल की प्रमुख इमारतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- कुतुब मीनार
- अलई दरवाज़ा
- हौज खास
- तुगलकाबाद किला
इन सभी इमारतों में इंडो-इस्लामिक स्थापत्य कला की झलक दिखाई देती है।
प्रश्न 11. दिल्ली सल्तनत के समय फारसी भाषा का क्या महत्व था?
उत्तर:
फारसी भाषा प्रशासन और दरबार की भाषा थी।
सभी सरकारी आदेश, अभिलेख और न्यायिक कार्य फारसी में ही किए जाते थे।
प्रश्न 12. दिल्ली सल्तनत काल में कौन-कौन से कर लगाए गए थे?
उत्तर:
- खराज – जमीन पर लगने वाला कर
- जजिया – गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाने वाला कर
- उस्र – धार्मिक कर
प्रश्न 13. दिल्ली के सुल्तानों की शासन व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर:
शासन केंद्रीकृत था।
सुल्तान सर्वोच्च शासक था, उसके नीचे अधिकारी जैसे वज़ीर, काज़ी, सदर, और अरिज़-ए-ममालिक प्रशासन चलाते थे।
प्रश्न 14. दिल्ली सल्तनत के काल का भारतीय संस्कृति पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
दिल्ली सल्तनत के समय भारतीय और इस्लामी संस्कृति का संगम हुआ।
कला, स्थापत्य, भाषा और खान-पान में नई परंपराएँ विकसित हुईं।
इसे ही इंडो-इस्लामिक संस्कृति कहा गया।
उम्मीद करता हु Class 7 History NCRT अध्याय से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिल चुके होंगे और यही कोई प्रश्न है तो मुझे कॉमेंट कर पूछ सकते है। अध्याय-4 में जल्दी ही मिलेगी अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट learn result पर जाएं
धन्यवाद

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